|
इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) नीति की घोषणा नवम्बर,
98 में हुई थी इस नीति में इंटरनेट पर टेलीफोनी
को निषिध्द किया गया था। नई दूरसंचार नीति 99
में इंटरनेट टेलीफोनी की शुरूआत पर विचार किया
गया, तत्पश्चात सरकार ने
विस्तृत दिशा-निर्देशों
के अध्यधीन 1 अप्रैल, 2002
से इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को वॉइस सिग्नलों
(प्रतिबध्दित इंटरनेट टेलीफोनी सेवा) के कार्य और संचालन करने की
अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया। संक्षिप्त ब्योरे निम्नानुसार
हैं;
·
केवल आईएसपी लाइसेंसधारियों को अपने सेवा क्षेत्र
के भीतर इंटरनेट टेलीफोनी सेवा प्रदान करने की अनुमति दी गई है।
आवेदक कंपनी को आवेदन के साथ
10,000-
रु0
के प्रक्रमण शुल्क का भुगतान करना अपेक्षित है।
·
कोई भी भारतीय कंपनी जिसकी अधिकतम विदेशी इक्विटी
74 प्रतिशत है,
लाइसेंस प्राप्त करने की पात्र है (100
प्रतिशत की भी अनुमति है,
परंतु इस मामले में आईएसपी अंतरराष्ट्रीय गेटवे
संस्थापित नहीं कर सकता)
·
प्रचालन के सेवा क्षेत्र के आधार पर,
इन्हें श्रेणी न्नक न्न
न्नख न्न और न्नग न्न के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
|
श्रेणी
|
सेवा क्षेत्र
|
|
श्रेणी न्नक न्न
|
संपूर्ण भारत
|
|
श्रेणी न्नख न्न
|
20
प्रादेशिक दूरसंचार सकिर्ल,
चार महानगरीय जिले - दिल्ली,
मुंबई,
कलकत्ता और चेन्नै तथा चार बड़े टेलीफोन जिले-
अहमदाबाद,
बंगलोर,
हैदराबाद और पुणे।
|
|
श्रेणी न्नग न्न
|
01.04.98
की स्थिति के अनुसार भौगोलिक सीमाओं सहित दूरसंचार विभाग के
कोई भी गौण स्विचिंग क्षेत्र (एसएसए)
|
·
किसी भी आवेदक कंपनी को कितनी भी संख्या में
लाइसेंस प्रदान किए जा सकते हैं तथा एक विशेष क्षेत्र में लाइसेंस
प्रदान करने की संख्या की कोई सीमा नहीं होगी।
·
निष्पादन बैंक गारंटी - श्रेणी न्नक न्न सेवा
क्षेत्र हेतु
2 करोड़ रु0,
प्रत्येक श्रेणी न्नख न्न सेवा क्षेत्र हेतु
20 लाख रु0,
प्रत्येक श्रेणी न्नग न्न सेवा क्षेत्र हेतु 3
लाख रु0।
·
लाइसेंस शुल्क को
31.10.2003
तक के लिए हटा दिया गया है तथा इसके बाद से उन
इंटरनेट सेवा प्रदाताओं जिन्होंने 01.11.03
से पूर्व लाइसेंस प्राप्त किए हैं के लिए यह
1 रु0 प्रति
वर्ष होगा; तथापि दूरसंचार प्राधिकरण,
लाइसेंस की वैद्यता के दौरान किसी भी समय
सार्वभौमिक सेवा दायित्व (यूएसओ) लेवी सहित,
लगाए गए लाइसेंस शुल्क का संशोधन करने का
अधिकार रखता है,
लाइसेंसधारी इसके निबंधन और शर्तों सहित इसके निर्णय को मानने का
बाध्यकारी होगा।
·
निजी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को अपना स्वयं का
गेटवे संस्थापित करने की अनुमति है। इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को
सैटलाइट और सबमरीन केबल लैण्डिंग स्टेशनों का उपयोग करते हुए
अंतरराष्ट्रीय गेटवे संस्थापित करने की अनुमति है।
·
सरल मौजूदा नीति के अंतर्गत,
इंटरनेट सेवा प्रदाता,
सेवा शुरू किए बिना,
अभ्यर्पण प्रभारों का भुगतान करके लाइसेंस को वापिस कर सकता है।
अभ्यर्पण प्रभार निष्पादन बैंक गारंटी (पीबीजी) राशि के 5
प्रतिशत के बराबर होगा।
अधिक जानकारी हेतु कृपया नीचे क्लिक करें
·
दिशानिर्देशों पर आधारित इंटरनेट सेवाओं हेतु
लाइसेंस,
दिनांक 24.08.07
ब्योरा
·
इंटरनेट सेवा दिशानिर्देश और आवेदन पत्र,
दिनांक 24.08.07
ब्योरा
·
निष्पादन बैंक गारंटी हेतु प्रपत्र
ब्योरा
·
इंटरनेट सेवा (इंटरनेट टेलीफोनी सहित) हेतु लाइसेंस
करार,ब्योरे
संशोधन
·
इंटरनेट हेतु अंतरराष्ट्रीय गेटवे को संस्थापित
करने के लिए दिशा-निर्देश और सामान्य जानकारी
ब्योरा
·
इंटरनेट हेतु अंतरराष्ट्रीय गेटवे संस्थापित करने
हेतु आवेदन
ब्योरा
·
इंटरनेट हेतु अंतरराष्ट्रीय गेटवे के लिए सबमरीन
केबल लैण्डिंग स्टेशनों को संस्थापित करने हेतु दिशा-निर्देश और
सामान्य जानकारी
ब्योरा
·
इंटरनेट सेवा प्रदाता हेतु सरल मौजूदा नीति
ब्योरा
·
वीपीएन सेवाओं की अनुमति हेतु संशोधित आईएसपी
लाइसेंसिग शर्तें
ब्योरा
·
वीपीएन सेवाओं के बारे में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं
हेतु निर्देश,
दिनांक 17, जनवरी,
2005
ब्योरा
·
वीपीएन सेवाओं के बारे में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं
हेतु निर्देश,
दिनांक 15, फरवरी,
2005
ब्योरा
·
इंटरनेट सेवाओं (इंटरनेट टेलीफोनी सहित) के
प्रावधान हेतु लाइसेंस करार के निबंधन और शर्तों में दिनांक
03.03.2006 का संशोधन
ब्योरा
·
उपभोक्ता निवारण तंत्र संस्थापित करने के बारे में
आईएसपी हेतु निर्देश दिनांक
17
नवंबर, 2006
ब्योरा
·
कॉल सेंटरोंअन्य सेवा प्रदाताओं (ओएसपी) हेतु
इंटरनेट सेवाएंकनेक्टिविटी की व्यवस्था करने के बारे में इंटरनेट
सेवा प्रदाताओं के लिए निर्देश,
दिनांक 7 फरवरी,
2007
ब्योरा
·
इंटरनेट टेलीफोनी सेवा प्रदाताओं की सूची
ब्योरा |