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नई
दूरसंचार नीति
99 में
सेवा क्षेत्र के बाहर राष्ट्रीय लंबी दूरी सेवा प्राइवेट प्रचालकों
के लिए खोले जाने की परिकल्पना की गई है। सरकार ने प्रचालकों की
संख्या पर कोई रोक लगाए बिना राष्ट्रीय लंबी दूरी सेवा खोलने का
निर्णय लिया है।
आवेदक कंपनी एक भारतीय कंपनी हो और कंपनी अधिनियम,
1956 के अधीन पंजीकृत हो। इसके पास 2.5
करोड़ रुपए की प्रदत्त
पूंजी के साथ अपना निवल मूल्य होगा। निवल मूल्य का अभिप्राय भारतीय
रुपए में पदत्त इक्विटी पूंजी और मुक्त आरक्षित पूंजी के समग्र योग
से होगा। प्रवर्तकों के निवल मूल्य की गणना नहीं की जाएगी। लाइसेंस
के प्रचलन अवधि के दौरान निवल मूल्य और प्रदत्त पूंजी को कायम रखना
होगा।
विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अधिकतम सीमा
74
प्रतिशत है,
लाइसेंसधारक कंपनी में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों पूंजी निवेश
की गणना विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अधिकतम सीमा निर्धारण के
प्रयोजनार्थ की जाएगी। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सीमा 49
प्रतिशत तक आटोमेटिक रूट के आधार पर जारी
रहेगी। लाइसेंसधारक कंपनीभारतीय प्रवर्तकोंपूंजी-निवेश कंपनियों,
इनमें उनकी नियंत्रणाधीन कंपनियां भी शामिल हैं,
में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी
निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) का अनुमोदन लेना अपेक्षित होगा,
यदि ये 74%
की समग्र अधिकतम सीमा धारण करना चाहती हैं।
राष्ट्रीय लंबी दूरी सेवा के लाइसेंस
20
वर्ष की अवधि के लिए गैर-विशिष्ट आधार पर जारी
किए जाएंगे। यदि लाइसेंस, लाइसेंस अवधि
के 19वें वर्ष के दौरान बना हो तो
लाइसेंसदाता यदि उचित समझे तो लाइसेंसधारक के अनुरोध पर लाइसेंस की
अवधि 10 वर्ष तक
की एक बारगी वृध्दि कर सकता है।
विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए कृपया निम्नलिखित लिंकों को
क्लिक करें :-
·
मार्ग-निर्देश और आवेदन-पत्र संबंधी
ब्यौरे
·
राष्ट्रीय लंबी दूरी करार
14.12.2005
के
ब्यौरे
·
संशोधनों के लिए
क्लिक
·
सेवा प्रदाताओं की सूची संबंधी
ब्यौरे
·
पुराने मार्ग निर्देश और आवेदन-पत्र के
ब्यौरे
·
पुराने राष्ट्रीय लंबी दूरी लाइसेंस के
ब्यौरे
·
सरलीकृत अंतर्राष्ट्रीय लंबी दूरी और राष्ट्रीय
लंबी दूरी लाइसेंस प्रेस प्रकाशनी के
ब्यौरे
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