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दूरसंचार उपस्कर विनिर्माण के संवर्धन हेतु प्रोत्साहन
Ø
आईटीए-। उत्पाद पर
01.03.2005
से सीमा शुल्क समाप्त कर
दिया गया है।
Ø
राज्य स्तर के करों के बराबर करने के लिए आईटीए
उत्पादों के आयात पर
4%
अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।
Ø
दूरसंचार उपस्कर के विनिर्माण के लिए किसी औद्योगिक
लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। एसआईए के समक्ष साधारण औद्योगिक
उद्यमी ज्ञापन (आईईएम) दायर करना होता है।
Ø
स्वचालित मार्ग के माध्यम से शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष
विदेशी निवेश की अनुमति है।
Ø
निवेश की गई पूंजी और अर्जित लाभांश पूर्णतया
प्रत्यावर्तनीय हैं।
Ø
2
मिलियन अमरीकी डालर तक तकनीकी जानकारी का भुगतान तथा घरेलू बिक्री
पर
5%
तक रायल्टी तथा निर्यात बिक्री पर
8%
रायल्टी,
करों के निवल का स्वचालित मार्ग से भुगतान
Ø
बिक्री कर,
मूल्य वर्ध्दित कर,
स्थानीय करों तथा भारत में उनके माल की बिक्री या
खरीद अथवा परिवहन पर लगाए जाने वाले किसी भी प्रकार के अन्य
प्रभारों को बराबर करने के लिए अतिरिक्त आयात शुल्क लगाना जो
यथामूल्य के
4% से
अधिक नहीं होनी चाहिए।
Ø
विशेष आर्थिक क्षेत्र में विशिष्ट दूरसंचार उत्पाद
को बढावा देना ।
Ø
इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क
(ईएचटीपी) में सुधारनिर्यात संबंधी दायित्वों को पूरा करने के
प्रयोजनार्थ घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र (डीटीए) में
100%
बिक्री हेतु अनुमति के लिए
विशेष आर्थिक क्षेत्र की योजना ।
सेवा क्षेत्रों के संवर्धन हेतु प्रोत्साहन
Ø
कोई भी उपक्रम जिसने
1
अप्रैल,
1995
को
या उसके बाद से किन्तु
31
मार्च,
2005
को
या उससे पहले से रेडियो पेजिंग,
घरेलू सैटेलाइट सेवा,
ट्रंकिंग नेटवर्क,
ब्रॉडबैंड नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं सहित किसी भी
प्रकार की बुनियादी या सेल्यूलर दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराना शुरू
किया है या उपलब्ध करा रहे हैं,
उन्हें लगातार दस निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे
कार्य-व्यापार से प्राप्त होने वाले लाभ के सौ प्रतिशत की राशि के
बराबर की कटौती करके कुल आय की गणना करने की अनुमति दी जाएगी।
Ø
शून्य सीमा-शुल्क दरों पर विशिष्ट दूरसंचार उपस्कर
(आईटीए
1
उत्पादों) के आयात की अनुमति दी गई है।
Ø
दूरसंचार उपस्कर के विनिर्माण हेतु सभी प्रकार की
पूंजीगत सामग्री के आयात के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।
निर्यातकों के लिए प्रोत्साहन
Ø
ईओयूईपीजेडएसटीपीईएचटीपी इकाइयों के लिए
10
वर्ष तक आयकर में छूट ।
Ø
सभी निर्यातकों के लिए निर्यात आय को आयकर से छूट
प्रदान की गई है।
Ø निर्यात
संवर्ध्दन पूंजीगत माल योजना (ईपीसीजी) के तहत पूंजीगत माल के
उत्पादन से पूर्व और उत्पादन के बाद (उसके सीकेडीएसकेडी तथा
कंप्यूटर सापऊटवेयर प्रणालियों सहित)
5%
सीमा शुल्क लगाने की अनुमति है बशर्ते कि आयातित
पूंजीगत माल पर जितने शुल्क की बचत हुई है उसके
8
गुणा के बराबर के निर्यात दायित्व की
8
वर्ष की अवधि में पूर्ति कर ली जाए। तथापि,
लघु उद्योग की इकाइयों के लिए,
5%
सीमा शुल्क पर पूंजीगत माल के आयात की अनुमति दी जाएगी जोकि,
लाइसेंस जारी किए जाने की तारीख से
8
वर्षो की अवधि में,
जितने शुल्क की बचत हुई है उसके
6
गुणा के बराबर के निर्यात के दायित्व की पूर्ति किए
जाने की शर्त के अध्यधीन होगी बशर्ते कि योजना के तहत आयात किए गए
ऐसे पूंजीगत माल को उतारने के बाद का सीआईएफ मूल्य पच्चीस लाख रूपए
से अधिक न हो और इस प्रकार का आयात करने बाद संयंत्र और मशीनरी में
किया जाने वाला कुल निवेश लघु उद्योग इकाई की सीमा से अधिक न हो।
तथापि,
जिन ईपीसीजी लाइसेंसो द्वारा
100
करोड़ रूपए अथवा इससे अधिक की शुल्क की बचत की गई है। उनके संबंध
में,
मामले के अनुसार इसी निर्यात दायित्व को
12
वर्षों की अवधि में पूरा करना अपेक्षित होगा ।
Ø 15
वर्षों के ब्लॉक में पांच वर्षों के लिए
100%
की छूट और अगले पांच वर्षों के लिए
30%
की छूट।
Ø
अवसंरचना संबंधी दूरसंचार उपस्कर को सीमा शुल्क से
छूट प्रदान की गई है।
Ø मोबाइल
फोनों पर सीमा शुल्क में
5%
की कटौती ।
Ø
सेल्युलर फोनों तथा उसके घटकों,
पेजरों,
रेडियो ट्रंकिंग टर्मिनलों तथा पोर्टों पर उत्पाद
शुल्क से छूट ।
Ø
दूरसंचार सेवा क्षेत्र को विलय की स्थिति में हानि
को आगे ले जाने का लाभ प्रदान किया गया है।
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