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दूरसंचार
1.
प्रस्तावना
दूरसंचार
अर्थव्यवथा के विभिन्न सेक्टरों के तीव्र विकास और आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक एक
प्रमुख सहायक सेवा है। सूचना प्रौद्योगिकी के प्रचुर विकास और शेा अर्थव्यवस्था पर
इसके उल्लेखनीय प्रभाव के कारण यह हाल के वर्ाों में और भी महत्वपूर्ण बन गया है।
ऐसा माना गया है कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी में और सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित
सेवाओं में तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति में है। तथापि इस स्थिति को बनाए रखना
अनिवार्यत: दूरसंचार अवसंरचना की उच्च गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसको ध्यान में
रखते हुए दसवीं योजना का जोर उचित दरों पर विश्व स्तरीय दूरसंचार सुविधाएं उपलब्ध
कराने पर होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों मे दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराना तीव्र
आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक अन्य
प्राथमिकता क्षेत्र होगा। यद्यपि हाल के वर्ाों में दूरसंचार नेटवर्क का तेजी से
विकास हुआ है परंतु इसकी बढाेत्तरी में दसवीं योजना में और तेजी लाए जाने की
आवश्यकता है। अन्य देशों में प्रचलन के अनुरूप इस सेक्टर में संरचनात्मक परिवर्तनों
में तेजी लाना भी यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि समग्र अर्थव्यवस्था
में तीव्र विकास कायम रखने के लिए अपेक्षित पैमाने पर दूरसंचार सेवाएं न केवल
उपलब्ध हों बल्कि उनकी लागत भी आधुनिकीकरण की ओर उन्मुख अर्थव्यवस्था की अपेक्षाओं
के अनुरूप हों।
1.2
एक गतिशील सेक्टर के लिए सुधार एक सतत प्रक्रिया है जो कि प्रौद्योगिकीय नवीन खोजों
सहित परिवर्तन की गति के मद्देनज़र जरूरी हो गई है।
1991
से भारत में दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों की एक सतत प्रक्रिया देखी गई है। अप्रैल,
2002 से
अंतरराट्रीय लम्बी दूरी सेवाओं और इंटरनेट टेलीफोनी की शुरूआत से उदारीकरण और
स्पर्धा के लिए इस सेक्टर को खोले जाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। विभिन्न सेवाओं
की अभिसारिता एक प्रमुख नया उभरता क्षेत्र है और दूरसंचार क्षेत्र को दसवीं योजना
में इस पर ध्यान देना होगा।
1.3 1999
में घो31ाित
नई दूरसंचार नीति (एनटीपी) द्वारा वैश्विक रूप से दूरसंचार क्षेत्र में घटित हो रहे
दूरगामी प्रौद्योगिकीय विकासों को ध्यान में रखते हुए और भारत को एक वैश्विक सूचना
प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनाने के सरकार के संकल्प को कार्यान्वित करने की दृ31टि
से एनटीपी
1994
में संशोधन
किया गया है। एनटीपी,
1999 का
उद्देश्य एनटीपी,
1994 के
कार्यान्वयन से उत्पन्न हुई समस्याओं का भी समाधान करना है। एनटीपी
1999
के उद्देश्य हैं
:-
·
नागरिकों के
लिए वहनीय और प्रभावी संचार सुविधा उपलब्ध कराना ।
·
ग्रामीण
क्षेत्रों सहित सभी सेवारहित क्षेत्रों को सार्वभौमिक सेवा के प्रावधान और देश की
अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम उच्च स्तरीय सेवाओं के प्रावधान
के बीच संतुलन प्रदान करने का प्रयास करना।
·
देश के
दूरवर्ती,
पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाओं के विकास को
प्रोत्साहन देना।
·
सूचना
प्रौद्योगिकी,
मीडिया,
दूरसंचार और उपभोक्ता
इलेक्ट्रॉनिकी की अभिसारिता को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक और कुशल दूरसंचार
अवसंरचना का निर्माण करना और इसके द्वारा भारत को सूचना प्रौद्योगिकी में एक
महाशक्ति बनने के लिए प्रेरित करना।
·
जहां कहीं उचित
हो,
पीसीओ को इंटिग्रेटेड सर्विस डिजीटल नेटवर्क (आईएसडीएन) सेवाएं,
दूरवर्ती डाटाबेस अभिगम,
सरकारी और
सामुदायिक सूचना प्रणालियों आदि जैसी मल्टी मीडिया सेवाएं प्रदान करने वाले पब्लिक
टेलीइन्फो केन्द्रों में बदलना।
·
शहरी और
ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में दूरसंचार सैक्टर को एक समयबध्द तरीके से ऐसे अधिक
प्रतिस्पध्र्दात्मक वातावरण में बदलना,
जहां सभी सेवा प्रदाताओं को समान अवसर मिल सके।
·
देश में
अनुसंधान और विकास संबंधी प्रयासों को सुदृढ क़रना तथा विश्व-स्तरीय विनिर्माण
क्षमताओं का निर्माण करने के लिए एक प्रेरणा शक्ति प्रदान करना ।
·
स्पैक्ट्रम
प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता प्राप्त करना।
·
देश की रक्षा
और सुरक्षा हितों को संरक्षण प्रदान करना।
·
भारतीय
दूरसंचार कंपनियों को सच्चे रूप से वैश्विक सेवा प्रदाता बनने में समर्थ बनाना।
2.
नौवीं योजना में
समीक्षा
2.1
नौवीं योजना अवधि
के दौरान,
देश में दूरसंचार
सेवाओं में रिकार्ड वृध्दि दर हासिल हुई। नेटवर्क (सज्जित क्षमता) में लगभग
22
प्रतिशत औसत दर से
वृध्दि हुई। सेल्यूलर मोबाइल फोनों और फिक्स्ड लाइन फोनों दोनों में वृध्दि समान
रुप से प्रभावोत्पादक रही है। जबकि निजी क्षेत्र का ध्यान सेल्यूलर मोबाइल फोनों पर
रहा,
सरकारी क्षेत्र
में वृध्दि मुख्यत: फिक्स्ड लाइन कनेक्शनों के कारण रही।
237
लाख सीधी एक्सचेंज
लाइने (डीईएल) प्रदान करने के लक्ष्य के स्थान पर नौवीं योजना के दौरान लगभग
240.55
लाख अतिरिक्त
डीईएल प्रदान किए गए हैं। सेल्यूलर नेटवर्क
3.40
लाख कनेक्शनों के
छोटे आधार से बढक़र योजना के अंत तक
64.31
लाख कनेक्शन तक
पहुंच गया है। इस वृध्दि के परिणामस्वरूप,
नौवीं
योजना की शुरूआत में टेलीघनत्व
1.57
से लगभग तीन गुना
बढक़र
31
मार्च,
2002 की
स्थिति के अनुसार
4.4
हो गया है।
इस संबंध में ब्यौरे नीचे तालिका में दिए गए हैं।
नेटवर्क विस्तार - नौवीं योजना
(लाइनें
लाख में)
|
|
31.3.1997
की स्थिति के अनुसार
|
निवल वृध्दि- नौवीं
योजना
|
31.3.2002
की स्थिति के अनुसार |
सीएजीआर
|
|
सार्वजनिक
|
निजी
|
कुल
|
% |
|
स्थिर
|
145.40 |
234.68 |
5.87 |
240.55 |
385.95 |
21.56 |
|
सेल्युलर
|
3.40 |
2.14 |
58.77 |
60.91 |
64.31 |
80.00 |
|
कुल
|
148.80 |
236.82 |
64.64 |
301.46 |
450.26 |
24.79 |
|
टेलीघनत्व
|
1.57
|
--
|
--
|
--
|
4.4
|
--
|
|
ग्रामीण सार्वजनिक टेलीफोन
|
2.61 |
2.061 |
0.00846 |
2.07 |
4.68 |
12.39 |
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों
अर्थात भारत संचार निगम लिमिटेड और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड का कार्य निपादन
उल्लेखनीय रहा है । मूल योजना में
185
लाख नए कनेक्शन प्रदान करने (जिसे बीएसएनएल और एमटीएनएल हेतु
मध्यावधि समीक्षा में संशोधित करके 222.7 लाख कर दिया
गया था ) और संपूर्ण क्षेत्र हेतु कनेक्शनों की संख्या 237
लाख करने (जिनमें निजी क्षेत्र भी शामिल हैं),
के लक्ष्य की तुलना में नौवीं योजना के दौरान उपलब्धि
240.55 लाख कनेक्शन हैं जिसमें निजी क्षेत्र का अंशदान भी शामिल
है अर्थात नौवीं योजना दस्तावेज में परिकल्पित लक्ष्य से भी अधिक है। नौवीं
योजनावधि के दौरान निजी क्षेत्र द्वारा सेल्युलर सेवाओं की शुरूआत की गई । महानगर
टेलीफोन निगम लिमिटेड ने तीसरे प्रचालक के रूप में दिल्ली और मुंबई में अपनी मोबाइल
सेवाओं की शुरूआत की थी । नौवीं योजना के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के
लक्ष्य और ब्यौरे नीचे दिए गए हैं ।
नौवीं योजना (1997-02)
|
वास्तविक
लक्ष्यऔरउपलब्धियां-दूरसंचार
योजना का नाम
|
मूल लक्ष्य
|
संशोधित लक्ष्य
|
1997-98
|
1998-99
|
1999-2000
|
2000-01
|
2001-02
|
|
लक्ष्य
|
वास्तविक
|
लक्ष्य
|
वास्तविक
|
लक्ष्य
|
वास्तविक
|
लक्ष्य
|
वास्तविक
|
लक्ष्य
|
वास्तविक
|
|
स्विचन क्षमता (लाख लाइनें)
|
230
|
298
|
36
|
35.18
|
49.3
|
47.89
|
54.7
|
67.17
|
72.35
|
71.3
|
82.46
|
75.83
|
|
दूरसंचार विभाग
|
200.6
|
273
|
30.8
|
32.3
|
44
|
43.75
|
49
|
63.02
|
67
|
67
|
77.76
|
70.33
|
|
एमटीएनएल
|
29.4
|
25
|
5.2
|
2.88
|
5.3
|
4.14
|
5.7
|
4.15
|
5.35
|
4.3
|
4.7
|
5.5
|
|
सीधीएक्सचेंज(लाखलाइनें)
|
185
|
222.7
|
29
|
32.59
|
36
|
37.92
|
45.5
|
49.18
|
52.4
|
59.25
|
72.3
|
57.88
|
|
दूरसंचार विभाग
|
160
|
200.7
|
24.6
|
28.65
|
31.5
|
35.45
|
40.6
|
45.4
|
48
|
56.29
|
68.3
|
53.07
|
|
एमटीएनएल
|
25
|
22
|
4.4
|
3.94
|
4.5
|
2.47
|
4.9
|
3.78
|
4.4
|
2.96
|
4
|
4.81
|
|
टीएएक्स(लाखलाइनें)
|
18
|
23.06
|
3.25
|
3.14
|
4.5
|
2.06
|
4.53
|
4.8
|
5.15
|
5.12
|
10.1
|
9.97
|
|
दूरसंचार विभाग
|
15.24
|
18.87
|
2.75
|
2.77
|
3.87
|
|