एलएफ़पी

  • लाइसेंसिंग वित्त नीति–एलएफ़पी प्रभाग का कार्य आवंटन:

    (i) निम्नलिखित से संबंधित सभी नीति और विनियम संबंधी मामलों पर कार्रवाई करना:

    • लाइसेंस के निबंधन और शर्तों का विनियमन;
    • समझौते;
    • लाइसेंस समझौतों की व्याख्या;
    • एलओआई, लाइसेंस और प्राधिकार प्रदान करना;
    • विलय और अधिग्रहण;
    • लाइसेंस का समर्पण और समाप्ति;
    • सभी लाइसेंसों के त्रिपक्षीय समझौते;
    • अन्य विविध नीतिगत मुद्दे/स्पष्टीकरण;

    (ii) नई नीतिगत पहल, लाइसेंस संशोधन, जहां भी आवश्यक हो, आदि सहित राजस्व की प्रभावी वसूली और संबंधित नीतिगत मुद्दों के लिए लाइसेंस समझौतों की वित्तीय शर्तों का निर्वचन और कार्यान्वयन करना।

    (iii) बैंक गारंटी, स्पेक्ट्रम उपयोग प्रभार, लाइसेंस शुल्क आदि जैसे मुद्दों और भारतीय तार अधिनियम 1885 के तहत अनुबंधों/लाइसेंस समझौतों के अधीन आने वाले मुद्दों सहित लाइसेंसिंग वित्त मुद्दों से संबंधित ट्राई की सिफारिशों की जांच करना।

    (iv) निम्नलिखित कानूनी मंचों के समक्ष लाइसेंस समझौतों के निर्वचन के संबंध में कानूनी विवादों और अदालती मामलों से निपटना:

    • भारत का माननीय उच्चतम न्यायालय;
    • उच्च न्यायालय;
    • राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण;
    • टीडीसैट;
    • दिवाला और दिवालियापन संहिता 2016;
    • किसी अन्य न्यायालय/अधिकरण में लाइसेन्स संबंधी न्यायिक मामले;

    (v) निम्नलिखित मामलों के संबंध में सीजीसीए और प्रधान/सीसीए कार्यालयों के साथ निगरानी और समन्वय करना:-

    • लाइसेंस शुल्क के मूल्यांकन के संबंध में स्पष्टीकरण जारी करना और
    • बैंक गारंटी प्रबंधन करना;
    • प्रधान सीसीए/सीसीए कार्यालयों आदि डील किए जा रहे लाइसेंस समझौते से संबंधित कोई भी अन्य मुद्दा

     

    एलएफपी प्रभाग से संबंधित परिपत्र: